
इस विरोध प्रदर्शन में सोशल मीडिया में नरेंद्र मोदी के नाम 'साहेब' का जबरदस्त इस्तेमाल देखने को मिला. बारात के रथ तीन लोग बैठे थे, एक के चेहरे पर अमित शाह का मुखौटा था वहीं दूसरे के चेहरे पर नरेंद्र मोदी का. इन तीन लोगों में एक महिला भी बैठी थी. उसने किसी अभिनेत्री का मुखौटा डाला हुआ था. इसके अलावा बारातियों के हाथ में कार्डबोर्ड थे. जिस पर लिखा था...'आज मेरे साहेब की शादी है.'
कांग्रेस की मांग है कि नरेंद्र मोदी अपने करीबी अमित शाह पर एक महिला की जासूसी कराने के आरोपों पर सफाई दें.
यह है जासूसी कांड
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के घनिष्ठ सहयोगी और राज्य के पूर्व गृहमंत्री अमित शाह पर 2009 में एक युवती की अवैध तरीके से निगरानी के लिए सत्ता और पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगा है. कोबरापोस्ट और गुलेल डॉट कॉम द्वारा आधे घंटे से अधिक समय की टेलीफोन बातचीत की रिकार्डिंग भी जारी की गयी, जो कथित तौर पर शाह और गुजरात के आईपीएस अधिकारी जीएल सिंघल के बीच हुई बताई जाती है. अगस्त और सितंबर, 2009 के बीच टैप की गयी बातचीत में प्रधानमंत्री पद के बीजेपी के उम्मीदवार मोदी के नाम का उल्लेख नहीं है, लेकिन वेबसाइट कहती है कि 'बातचीत सुनने के बाद इसमें कोई संदेह नहीं रह जाता कि इस ऑपरेशन में शामिल लोग किसी 'साहेब' को जानते थे' जिनके कहने पर कथित जासूसी की जा रही थी.
संम्पादक:- एम.आर. चौधरी
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