रातानाडा स्थित अंबे माता के मंदिर में माघ पूर्णिमा पर द्वितीय पाटोत्सव का आयोजन हुआ। इस दौरान वात्सल्य सेवा केंद्र की साध्वी सत्य सिद्धा ने विभिन्न भजनों की प्रस्तुति दी जिसे सुन भक्त भाव विभोर हो झूम उठे। रेखा मूंदड़ा ने बताया कि ढोल-नगाड़ो और पुष्प वर्षा से फाल्गुन का स्वागत किया गया। देवीलाल हनुमान दास मूंदड़ा ने कार्यक्रम में सहयोग के लिए माहेश्वरी महिला सत्संग मंडल का आभार व्यक्त किया।
भास्कर न्यूज | चौहटन
वांकलधामवीरातरा में माघ पूर्णिमा को मेला भरा गया। वांकलधाम ट्रस्ट के सचिव भेरसिंह सोढ़ा ने बताया कि यहां प्रतिवर्ष चैत्र, माघ भादवा में तीन दिवसीय मेला आयोजित होता है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत कर मां वाकल को धोक लगा सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में विशेष कर नवविवाहित जोड़े अपने सफल जीवन की कामना के लिए ट्रस्ट के अधीन 12 मंदिरों की परिक्रमा कर रात्रि विश्राम वांकलधाम में ही करते हैं। मंदिर में सुबह-शाम आरती के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ी। मेले में खरीदारी को लेकर भी भक्तों में उत्साह देखा गया। वांकलधाम में रात्रि को भजन कलाकारों ने माता के भजनों सहित विभिन्न देवी देवताओं से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी जिसे सुनने के लिए देर रात तक भक्त जमे रहे।
भक्तोंने लिया आशीर्वाद
माघपूर्णिमा पर चंचल प्राग मठ में भक्तों ने मठाधीश शंभुनाथ सैलानी से आशीर्वाद लिया। संतों के सान्निध्य में आयोजित भजन संध्या में भजन सुनने के लिए दूरदराज से यहां कई भक्त आए। भजन संध्या में संत अभयनाथ, चंदन नाथ धीरनाथ सहित कई संत मौजूद थे।
शृंगारित वांकलमाता की प्रतिमा।
चौहटन. माघ शुक्ल पूर्णिमा पर वांकलधाम वीरातरा में आरती करते श्रद्धालु।
बाड़मेर. रातानाडा मंदिर में पाटोत्सव के दौरान भजन प्रस्तुत करते हुए।
भास्कर न्यूज | चौहटन
वांकलधामवीरातरा में माघ पूर्णिमा को मेला भरा गया। वांकलधाम ट्रस्ट के सचिव भेरसिंह सोढ़ा ने बताया कि यहां प्रतिवर्ष चैत्र, माघ भादवा में तीन दिवसीय मेला आयोजित होता है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत कर मां वाकल को धोक लगा सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में विशेष कर नवविवाहित जोड़े अपने सफल जीवन की कामना के लिए ट्रस्ट के अधीन 12 मंदिरों की परिक्रमा कर रात्रि विश्राम वांकलधाम में ही करते हैं। मंदिर में सुबह-शाम आरती के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ी। मेले में खरीदारी को लेकर भी भक्तों में उत्साह देखा गया। वांकलधाम में रात्रि को भजन कलाकारों ने माता के भजनों सहित विभिन्न देवी देवताओं से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी जिसे सुनने के लिए देर रात तक भक्त जमे रहे।
भक्तोंने लिया आशीर्वाद
माघपूर्णिमा पर चंचल प्राग मठ में भक्तों ने मठाधीश शंभुनाथ सैलानी से आशीर्वाद लिया। संतों के सान्निध्य में आयोजित भजन संध्या में भजन सुनने के लिए दूरदराज से यहां कई भक्त आए। भजन संध्या में संत अभयनाथ, चंदन नाथ धीरनाथ सहित कई संत मौजूद थे।
शृंगारित वांकलमाता की प्रतिमा।
चौहटन. माघ शुक्ल पूर्णिमा पर वांकलधाम वीरातरा में आरती करते श्रद्धालु।
बाड़मेर. रातानाडा मंदिर में पाटोत्सव के दौरान भजन प्रस्तुत करते हुए।
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